जलवायु परिवर्तन मंत्री ने सांसदों से इनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन में तेजी लाने के लिए कार्रवाई  का आग्रह किया


दुबई, 10 जनवरी, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी ने दुनिया भर के नीति-निर्माताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने देश में रिन्युबल समाधानों को अपनाएं। अंतर्राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी, IRENA असेम्बली, जो अबू धाबी में 11 से 13 जनवरी तक चलेगा, के नौवें सत्र से पहले आयोजित 2019 लेजिस्लेटर्स फोरम को संबोधित करते हुए डॉ. अल जायौदी ने कहा, "नीति निर्माता के रूप में आप अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।"

अपने संबोधन में, मंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा में हाल के वर्षों में पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि देख रही है। उन्होंने आगे कहा, "IRENA के नवीनतम आंकड़े साबित करते हैं कि दुनिया भर में अक्षय ऊर्जा उत्पादन 2016 में 6.7 प्रतिशत बढ़ा है। अब नई क्षमता का अधिकांश हिस्सा अक्षय ऊर्जा से आता है, जो पेरिस समझौते के तहत हमारे जलवायु उद्देश्यों को पूरा करने और सतत विकास को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

डॉ. अल जायौदी ने कहा, "यूएन सस्टेनिबल डेवलपमेंट गोल ऑन इनर्जी - एसडीजी 7 - 2030 तक सभी के लिए सस्ती, विश्वसनीय, और आधुनिक ऊर्जा के का आह्वान करता है। एसडीजी 7 के लिए अधिक नीतिगत प्रतिबद्धता और बढ़ी हुई धनराशि की आवश्यकता होगी। साथ ही व्यापक पैमाने पर नई प्रौद्योगिकियों और नवाचार को अपनाने की इच्छा की जरूरत होगी।"

यूएई द्वारा स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर बोलते हुए, उन्होंने कहा, "यहां संयुक्त अरब अमीरात में, हम अपनी अर्थव्यवस्था को कम कार्बन ग्रीन अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो यूएई ग्रीन एजेंडा 2030 और नेशनल क्लाइमेट चेंज प्लान 2050 के अनुरूप है।"

"इसके अलावा, 2017 में शुरू की गई यूएई एनर्जी स्ट्रेटजी 2050 में 44 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा, 38 प्रतिशत गैस, 12 प्रतिशत स्वच्छ कोयला और 2050 तक 6 प्रतिशत परमाणु ऊर्जा मिश्रण से बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की कार्बन फुटप्रिंट को 70 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, और आवासीय ऊर्जा खपत में 40 प्रतिशत की कटौती होगी। इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, 2050 तक देश का लक्ष्य 163 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है।"

अपनी सीमाओं से परे अक्षय ऊर्जा की तैनाती के लिए संयुक्त अरब अमीरात के योगदान के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "ऊर्जा पहुंच अंतर को पाटने के लिए, संयुक्त अरब अमीरात 350 मिलियन IRENA / ADDD प्रोजेक्ट से अफ्रीका और अन्य जगहों पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का वित्तपोषण कर रहा है।"

अनुवादः एस कुमार.

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