उग्रवाद कम करने के लिए यूएई ने सहिष्णुता एक्सलेटर को अपनाया

अबू धाबी, 1 अप्रैल, 2019 (डब्ल्यूएएम) - यूएई ने सहिष्णुता एक्सलेटर को अपनाते हुए सहिष्णुता अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कूटनीतिक और सरकारी प्रयासों की दिशा बदल दी है, जाे चरमपंथ तथा असहिष्णुता को कम करने की काेशिश है। न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों पर आतंकवादी हमले में 50 लोग हताहत हुए। इसे देखते हुए अबू धाबी में ह्यूमन फ्रेटरनिटी डाक्यूमेंट पर कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस और अल अजहर के ग्रैंड इमाम डॉ. अहमद अल तैयब द्वारा हस्ताक्षर इस महत्व की पुष्टि करता है। इस विशेष रिपोर्ट में अमीरात समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम मार्च महीने में यूएई द्वारा अपनाई गई सहिष्णुता संबंधित प्रमुख घटनाएं और पहल प्रस्तुत कर रही है। मानवीय ओलंपिक मानवतावादी विशेष ओलंपिक ने 190 से अधिक देशों के 7,500 अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों की मेजबानी की। यह ओलंपिक दुनिया में अग्रणी मानवीय घटनाओं में से एक है। यूएई ने इस खेल के दाैरान हाशिए के एथलीटाें काे वास्तविक नायकाें में बदल दिया। यह चैंपियनशिप मुख्य आधिकारियाें और ख्याति प्राप्त लाेगाें का गवाह बना। आयोजन में 20,000 से अधिक स्वयंसेवकों की संख्या थी। अपने ट्विटर अकाउंट पर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और यूएई सशस्त्र बलों के उप सुप्रीम कमांडर महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि विश्व खेल अबू धाबी 2019 दुनिया में सहिष्णुता मूल्यों को साझा करने का एक अवसर था। सहिष्णुता प्रतिबद्धता विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री महामहिम शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और सहिष्णुता वर्ष के लिए राष्ट्रीय सर्वोच्च समिति के अध्यक्ष द्वारा लॉन्च की गई ज़ायद टॉलरेंस कमिटमेंट यूएई की सहिष्णुता मूल्यों काे दर्शाता है। प्रतिबद्धता का उद्देश्य पूरी दुनिया में अमीराती समुदाय के माध्यम संदेश भेज कर सामुदायिक एकजुटता को बढ़ावा देना है। जायद-गांधी संग्रहालय दुनिया में सहिष्णुता के दाे प्रतीक जायद-गांधी संग्रहालय का यूएई की राजधानी अबू धाबी में उद्घाटन दो प्रतिष्ठित नेताओं दिवंगत शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान और महात्मा गांधी का संयुक्त दर्शन सहिष्णुता की कहानी कहता है। सहिष्णुता सम्मेलन जनरल वूमेन यूनियन (जूडब्ल्यूयू) की अध्यक्षा, सुप्रीम काउंसिल फॉर मदरहुड एंड चाइल्डहुड की अध्यक्षा व परिवार विकास फाउंडेशन (एफडीएफ) की सर्वोच्च अध्यक्षा महामहिम शेखा फातिमा बिंट मुबारक की संरक्षण में 18 मार्च को फैमिली रॉल इन कॉनसालिडेटिंग वैल्यूज ऑफ टॉलरेंस कॉफ्रेंस विषय पर आयाेजित गाेष्ठी का अबू धाबी ने मेजबानी की। गाेष्ठी में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और अरबी लाेगाें ने भाग लिए। क्राइस्टचर्च में आतंकवादी हमले यूएई का लक्ष्य आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के वैश्विक प्रयासों का समर्थन करना है। विशेष रूप से न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों पर आतंकवादी हमले के बाद ह्यूमन फ्रेटरनिटी डाक्यूमेंट के धाराओं काे लागू करने के महत्व की पुष्टि हाेती है। यूएई ने इस मामले में न्यूजीलैंड का समर्थन किया। राष्ट्रपति महामहिम शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान और उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शोक पत्र के माध्यम चरमपंथ एवं आतंकवाद के सभी रूपों का मुकाबला करने में पूरी एकजुटता दिखाई। चिली निमंत्रण अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता और शांति परिषद को चिली में कार्यालय खोलने का निमंत्रण मिला और चिली के अधिकारियों के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए। मार्च में चिली के अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता व शांति परिषद के अध्यक्ष अहमद बिन मोहम्मद अल जारवान ने सहयोग मजबूत करने, दुनिया में सहिष्णुता व शांति के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोहराव की प्रतिबद्धता 40 वें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद् में यूएई की भागीदारी के दौरान तथा 2019 में नस्लीय भेदभाव खत्म करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर देश ने समानता, स्वतंत्रता, सम्मान और गैर-भेदभाव से संबंधित सभी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यूएई के संयुक्त राष्ट्र व जिनेवा स्थित अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में स्थायी प्रतिनिधि सह राजदूत ओबैद सलेम अल ज़ाबी ने कहा कि यूएई की राष्ट्रीय सहिष्णुता कार्यक्रम का उद्देश्य देश में सहिष्णुता नीति काे समर्थन देना है तथा विशेष रूप से यूवाओं काे इस मूल्य के लिए प्रारंभिक शिक्षा के दौरान प्रोत्साहित करना है। क्षेत्रीय प्रयास अबू धाबी के क्राउन प्रिंस व यूएई सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान तथा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने अलेक्जेंड्रिया स्थित रास अल टीन पैलेस में बैठक के दौरान आतंकवाद का मुकाबला, उग्रवाद का उन्मूलन और सहिष्णुता मूल्यों को मजबूत करने के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा की। दोनों पक्षों ने चरमपंथ और आतंकवाद के उन्मूलन के लिए क्षेत्रीय व वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने, आतंकवादियाें काे वित्तपोषण और इसके सामाजिक व सांस्कृतिक प्रभाव के स्रोतों को खत्म करने के साथ-साथ दुनिया भर में सहिष्णुता, सह-अस्तित्व, सहयोग तथा शांति के मूल्यों को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302752834

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