यूएई व सऊदी अरब रमजान के दौरान यमन काे 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर सहायता देने का लिया प्रण  

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अबू धाबी, 8 अप्रैल, 2019 (डब्ल्यूएएम) -यूएई व सऊदी अरब ने संयुक्त प्रयास के तहत रमजान के पवित्र महीने में यमनियों काे 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का प्रण लिया है। यूएई स्थित विदेशी संवाददाताओं के क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम बिंट इब्राहिम अल हाशेमी ने यमन को तीसरी केएसए-यूएई मानवीय सहायता की घोषणा की। अल हाशेमी ने कहा कि यमन में कठिन स्थिति बनी हुई है। यूएई व सऊदी अरब संयुक्त प्रयासाें के माध्यम यमन के लाेगाें की पीड़ा को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। मंत्री ने सविस्तार कहा कि संयुक्त प्रयास का तीसरा दौर 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का है। आने वाले हफ्ते में रमजान के पवित्र महीने के दौरान उसे यमनियों में वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल राशि में से 140 मिलियन अमेरिकी डॉलर संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम सहित भागीदार मानवीय संगठनों के माध्यम से खाद्य सहायता और वितरण के लिए आवंटित किए जाएंगे। अल हाशेमी ने कहा कि कुपोषित बच्चे, गर्भवती और नर्सिंग महिलाएं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कुल जमा राशि का 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर इस विशेष खंड के लिए आवंटित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा यूएई-सऊदी राहत प्रयास के तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भागीदारी निभाते हुए हैजा फैलने से मुकाबला करने के लिए 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता दी जाएगी। अल हाशेमी ने कहा कि यह राहत सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है, यह आशा के बारे में भी है। यह यमनियाें की सुरक्षा और स्थिरता की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए है। सहायता काे प्रभावी बनाने के लिए इसे पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण होना चाहिए। हमारी सहायता सभी पक्षों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण पिछले महीने यूएई और सऊदी अरब के प्रयास से 128,000 शिक्षकों को किए गए वेतन भुगतान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरे यमन में थे, जिनमें हौथी-नियंत्रित क्षेत्र भी शामिल थे। सहायता काे उन लोगों के पास जाना पड़ता है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है। हम हौथी नियंत्रित क्षेत्रों तक पहुंच नहीं सकते। सहायता प्रभावी ढंग से वितरित किए जाने के लिए हम अंतरराष्ट्रीय और संयुक्त राष्ट्र संगठनों पर भरोसा करते हैं। देश में शांति प्रगति पर टिप्पणी करते हुए अल हाशेमी ने कहा कि स्टॉकहोम समझौते का हौथी मिलिशिया बार-बार उल्लंघन करता रहा है। मंत्री ने कहा कि आंकड़ें के मुताबिक हौथी ने दिसंबर 2018 से 3,000 बार समझौते का उल्लंघन किया। सप्ताह भर से,महीने से नहीं, संयुक्त राष्ट्र लाल सागर मिलों तक पहुंच बनाने के लिए बहुत करीब से काम कर रहा है, जहां गेहूं का भंडार है। थाेड़ी सी सफलता मिलने पर हौथी के उल्लंघन से निराशा हाथ लगती है। लाल सागर मिलाें की स्थिति के बारे में अल हाशेमी ने कहा कि हम अनाज की स्थिति नहीं जानते हैं। वह उपभोग करने लायक हैं या नहीं। इसलिए हम केवल मिलों पर उपलब्ध अनाज पर निर्भर नहीं हैं। हम रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए नए और अधिक अवसर निर्मित कर रहे हैं, जिससे यमन के लोगों में एकजुटता और समुदाय की भावना जगे। अल हाशेमी ने कहा कि यमन में आज 2.1 मिलियन कुपोषित बच्चे हैं। लोकतांत्रिक प्रयासों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि यह एक बहुत ही कठिन विषय है, जिससे मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रभावित हूं। यमन शायद दुनिया में सबसे अधिक खनन वाला देश है। उन्होंने कहा कि हमने मजबूत डिमाइनिंग प्रयासों को जारी रखा है। यह आसान नहीं है क्योंकि खदानें अधिक परिष्कृत हो गई हैं। खदानों में कई घटक हैं, जिससे लाेगाें काे नुकसान पहुंचता है। नक्शे और क्षेत्र वाले स्थानों तक पहुंच सीमित है। मंत्री ने डिमाइनिंग प्रयास जारी रखने में हाेने वाले कठिनाइयों का जिक्र किया। अल हाशेमी ने जोर देते हुए कहा कि नवीनतम अनुमान के आधार पर यमन में एक मिलियन से अधिक खदानें हैं। यमनी लाेगाें के लिए ये एक मिलियन काफी मुश्किल कहानियां हैं। 2015 से यूएई ने 5.41 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता यमन काे दी, जिसे 11.2 मिलियन बच्चों सहित लगभग 17.2 मिलियन व्यक्तियों तक पहुंचाया गया। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302753979

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