फुजैरा अगले पांच वर्षों में प्रवाल प्रजातियों के 1.5 मिलियन कॉलाेनी की खेती करेगा

फुजैरा, 14 अप्रैल, 2019 (डब्ल्यूएएम) - जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय (एमओसीसीएई) ने फुजैरा नगरपालिका, डिब्बा फुजैरा नगरपालिका और फुजैरा एडवेंचर्स के सहयोग से फुजैरा कल्चरल कोरल रीफ गार्डन की लांचिंग की है। यूएई की जैव विविधता की रक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की रणनीति के अनुरूप परियोजना अगले पांच वर्षों में 1.5 मिलियन कोरल रीफ कॉलाेनी की खेती करने के लिए तैयार है। शनिवार को एमओसीसीएई की ओर से आयाेजित लॉन्चिंग कार्यक्रम फ़ुजैरा के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख मोहम्मद बिन हमद बिन मोहम्मद अल शरकी और जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायाेदी के संरक्षण में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उनलाेगाें ने कहा कि पर्यावरण और हमारे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण यूएई के संस्थापक पिता स्वर्गीय शेख जायेद बिन सुल्तान अल नाहयान की विरासत से जुड़ी हुई है। यूएई विजन 2021 में उल्लिखित देश की जैव विविधता का संरक्षण आज यूएई नेतृत्व के लिए फोकस का एक मुख्य क्षेत्र है। जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण मंत्रालय के पास कई तरह के कार्यक्रम हैं, जिसका उद्देश्य देश के स्थानीय पर्यावरण अधिकारियों के साथ मिलकर जैव विविधता के लिए देश की राष्ट्रीय रणनीति को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि 300,000 वर्ग मीटर में फैले फुजैरा कल्चरल कोरल रीफ गार्डन परियोजना में 1.5 मिलियन कोरल रीफ कॉलाेनी की खेती शामिल है। इस खेती से मछली का स्टॉक बढ़ेगा, जिससे देश में खाद्य विविधता और खाद्य सुरक्षा की रक्षा होगी। प्रवाल भित्तियों के भीतर मछली का संरक्षण और प्रजनन हाेगी।मंत्रालय इस परियोजना को इकोटूरिज्म गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है। प्रवाल भित्तियों की खेती स्वयंसेवीवाद और सामुदायिक कार्यों की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए भी अनुमानित है, क्याेंकि यह खेती युवाओं के स्वयंसेवी प्रयास पर काफी निर्भर करेगा। डॉ. अल जायाेदी ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने प्रवाल भित्तियों की खेती और उसके स्थायित्व पर जानकारी युवा स्वयंसेवकों काे देने के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजित किए, जिसमें सभी प्रतिभागियों को मंत्रालय की ओर से प्रमाण पत्र दिए गए। डिब्बा फुजैरा नगर पालिका के निदेशक हसन सलेम अल यामही ने कहा कि सुप्रीम काउंसिल के सदस्य व फुजैरा शासक महामहिम शेख हमद बिन मोहम्मद अल शरकी के नेतृत्व में फुजैरा सरकार ने आगामी पीढ़ियों के लिए समुद्री पर्यावरण का सतत विकास और संरक्षण सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस संदर्भ में 1995 के एमिरी डिक्री नंबर 1 ने मछली भंडार संरक्षित व विकसित करने, मछलियाें काे प्रजनन के लिए प्राकृतिक निवास स्थान उपलब्ध कराने और मानव शोषण से प्रवाल भित्तियों काे बचाने के लिए फ़ुजैरा में तीन चुनिंदा तटीय क्षेत्रों की पहचान की। यह यूएई में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। दादना में अल बायत मितवाहिद पहल के हिस्से के रूप में एक संरक्षित क्षेत्र का निर्माण 2013 में किया गया था। इसके अलावा लॉन्चिंग कार्यक्रम में फ़ुजैरा के पूर्वी तट पर चुनिंदा समुद्री क्षेत्रों की सफाई शामिल थी। क्लीन-अप हिस्से के रूप में स्वयंसेवक गोताखोरों का लक्ष्य अमीरात के तट से पानी में समुद्री पर्यावरण का प्रदूषण कम करना है। लगभग 60 अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर क्षेत्र में फैले इस उद्यान में 1.5 मिलियन कॉलाेनी प्रवाल प्रजातियों के घर होंगे। एमओसीसीएई ने व्यवहार्यता अध्ययन और अनुसंधान के आधार पर सावधानीपूर्वक इसे चुना है। एक्रोपोरा, सिम्फिलिया, पैवोना, पॉसिलोपोरा और स्टाइलोपोरा इसमें शामिल है। यह उद्यान बड़ी संख्या में स्थानीय मछली प्रजातियों काे सुरक्षित आश्रय प्रदान करेगा तथा उसके अस्तित्व के खतरे अंडे और लार्वा को शिकारी मछली और पानी की धारा से बचाएगा, जिससे मछलियाें की संख्या बढ़ेगी। नतीजतन यह मछली स्टॉक की स्थिरता के लिए निर्धारित है, जो एमओसीसीएई के प्रमुख उद्देश्यों में से है। ऐसा करने पर मछुआरों की आय बढ़ाने में इससे सहायता पहुंचेंगी। इस क्षेत्र में 1,700 मछली पकड़ने वाली नौकाओं में लगभग 7,000 मछुआरे काम करते हैं। परिणाम के ताैर पर इस परियोजना का लाभ पहले से मौजूद विभिन्न प्रकार के मूंगों, उसके प्रजनन पैटर्न और स्थानीय परिवेश में उन क्षेत्रों में शोध अध्ययन काे मिलेगा, जो स्थानीय परिवेश में सफल खेती काे सक्षम करने के लिए सबसे उपयुक्त है। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302755140

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