यूएई ने आईसीजे से कतर को संकट बढ़ाने से राेकने का आदेश मांगा   


हेग, 10 मई, 2019 (डब्ल्यूएएम) - यूएई ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) से कहा कि यूएई के खिलाफ क़तर द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज़ व तर्क या ताे मनगढ़ंत है या एकमुश्त जवाबी कार्रवाई है। यूएई ने अपने पड़ाेसियाें के लिए हिसाब-किताब तय करने पर विश्व न्यायालय से अनुरोध किया कि वह कतर काे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हेरफेर करने के खौफनाक प्रयास से रोकने के लिए आवश्यक दंडात्मक कदम उठाए। तीन दिवसीय आईसीजे सुनवाई की निर्णायक सत्र में यूएई ने जोर देकर कहा कि जिन कतरियों के यूएई में प्रवेश करने के अधिकार कथित रूप से उल्लंघन किया गया, उनलाेगाें ने जून 2017 में इस मामले के लिए स्थापित हॉटलाइन का कभी उपयोग नहीं किया या प्रवेश के लिए आवेदन नहीं दिया। यूएई ने कहा कि कतर ने नामाें व दस्तावेजों के मामले में एक समान छल बहरीन के साथ भी किया है। 9 मई अर्थात् गुरुवार के दिन यूएई के संप्रभु अधिकार की रक्षा और कतर के खिलाफ शिकायत निपटारे काे लेकर यूएई के अनुराेध पर विचार करने के लिए अंतरिम कार्रवाई हुई। नीदरलैंड में यूएई की राजदूत डॉ. हेस्सा अल ओतिबा ने निर्णायक टिप्पणी में कहा कि यूएई की कानूनी टीम द्वारा न्यायालय में पेश किए गए आग्रह किसी भी संदेह के छाया से परे है कि यूएई नस्लीय भेदभाव के आराेप में में लिप्त नहीं रहा है, जैसा कि कतर ने आराेप लगया है। उन्होंने कहा कि कतर लगातार संघर्ष बढ़ा रहा है तथा संकट समाधान और कठिन बना रहा है। यूएई ने कहा कि सचमुच कतर एक ही मुद्दे पर दो अलग-अलग मामले दर्ज कर यूएई को बदनाम करने के लिए नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समझौते का दुरुपयोग कर रहा है। यूएई द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में यह भी पुष्टि हुई कि कतर विशाल मीडिया नेटवर्क का उपयोग यूएई के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया,जो मुद्दे अदालत के ध्यानार्थ लाए गए थे। यूएई ने भी कतर के इस आरोप को खारिज कर दिया कि यूएई ने कतरी नागरिकों को देश से बाहर निकाले। दिलचस्प बात यह है कि कतर ने अदालत के समक्ष स्वीकार किया कि उसने सुरक्षा के आधार पर उस वेबसाइट को अवरुद्ध कर दिया था जिसके माध्यम से उसके नागरिक प्रवेश परमिट के लिए आवेदन कर सकते थे। यूएई ने दावा किया है कि इसके खिलाफ सबूत तैयार किए गए तथा अदालत के फैसले को धता बताया गया। उल्लेखनीय है कि अदालत ने कतरी दलीलों पर विचार करते हुए अंतरिम कार्रवाई की। यूएई की दलीलाें के संबंध में राजदूत ने कहा कि न्यायालय से वैसी ही अपेक्षा थी। उन्हाेंने कहा कि हम सभी से पूछ रहे हैं कि कोर्ट यूएई के अधिकारों की रक्षा के लिए समान स्तर पर है। हमारा कोर्ट से अनुरोध है कि कतरियाें के प्रवेश परमिट के लिए वेबसाइट अनब्लाॉक करने की इजाजत कतर काे दे। वेबसाइट को अवरुद्ध करना विशेष विशिष्ट कतरी चाल है। ये चाल इसलिए चली गई जिससे यूएई के बारे में यह धारणा बने कि उनके नागरिकों काे यूएई की सुविधाजनक यात्रा राेक कर भेदभाव बरत रहे हैं। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302761756

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