सऊदी अरब, यूएई, ब्रिटेन, अमेरिका ने ईरान की अस्थिर करने वाली गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की


लंदन, 23 जून, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका ने इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान की अस्थिर करने वाली गतिविधियों से क्षेत्र में व यमन में उत्पन्न खतरों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। पिछले 12 मई को फुजैरा में तेल टैंकरों पर हमला हुआ था, वहीं 13 जून को ओमान की खाड़ी में हमले हुए थे। चारों देशों ने ईरान से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा करने वाले किसी भी कदम को रोकने के लिए राजनयिक समाधानों जरिए तनाम कम करने का आह्वान किाय है। इस संबंध में एक संयुक्त बयान जारी किया गया है, जो इस तरह हैः "संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ब्रिटेन और अमेरिका ने फुजैरा में 12 मई को तेल टैंकरों पर और ओमान की खाड़ी में 13 जून को हुए हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव और शांति व सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरों पर अपनी चिंता व्यक्त की। इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को खतरा है कि हम सभी शिपिंग पर निर्भर हैं। जहाजों को अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति दी जानी चाहिए। हम ईरान से आह्वान करते हैं कि वह क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा करने वाले किसी भी कार्रवाई को रोकने के लिए व तनाव को कम करने के लिए राजनयिक समाधान निकाले। हम आगे हाल ही में सऊदी अरब पर ईरान निर्मित मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहनों से हौथी हमलों में हालिया वृद्धि पर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। विशेष रूप से, हम 12 जून को आभा नागरिक हवाई अड्डे पर हौथी हमले की निंदा करते हैं, जिसमें 26 नागरिक घायल हो गए। हम सऊदी अरब के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हैं और ईरान समर्थित हौथि द्वारा ऐसे हमलों के तत्काल अंत का आह्वान करते हैं। क्वाड के सदस्यों ने चिंता व्यक्त की कि विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहायता वितरण में हौथी हस्तक्षेप की वजह से सना में इसे रोक दिया गया। हम हौथियों से आह्वान करते हैं कि सहायता एजेंसियों पर सभी प्रतिबंधों को तुरंत समाप्त करें ताकि जरूरतमंद यमनियों तक जीवनरक्षक सहायता पहुंच सके। हम यमनी दलों से होदैदा समझौते के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए संयुक्त पुनर्विकास समन्वय समिति में रचनात्मक रूप से भाग लेने का आह्वान करते हैं, जिसमें संचालन और त्रिपक्षीय निगरानी की सहमति के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों पर रचनात्मक रूप से शामिल होना शामिल है। क्वाड राष्ट्रों का मानना है कि स्टॉकहोम समझौते के कार्यान्वयन से एक व्यापक राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने का अवसर मिलेगा जिससे एक स्थायी राजनीतिक समझौता हो सकता है, जो यमन में संघर्ष को समाप्त करेगा।"

अनुवादः एस. कुमार.

http://wam.ae/en/details/1395302769649

WAM/Hindi