एमबीआरजीआई, ईआरसी मिलकर गांवों में शरणार्थी शिविरों में 'मदरसा' ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का प्रसार करेगे

  • مبادرات محمد بن راشد العالمية و"الهلال الأحمر" توسعان انتشار منصة "مدرسة" في الوطن العربي
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दुबई, 8 जुलाई, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्सने अमीरात रेड क्रिसेंट के साथ मिलकर मदरसा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अरब देशों के दूरदराज के गांवों और शरणार्थी शिविरों में बच्चों को शिक्षित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किया है। ऑफलाइन समाधान के माध्यम से इस मंच से सामान्य विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिकी के 5,000 मुक्त अरबी वीडियो प्रदान किए जाएंगे जिससे पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक के छात्र लाभान्वित होंगे। ये वीडियोज बिना इंटरनेट के भी एक्सेस किए जा सकेंगे। समझौते के अनुसार अमीरात रेड क्रिसेंट दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को ऑफलाइन उच्च तकनीकी शैक्षिक सामग्री की सुविधा प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम को करीब 1 हजार से अधिक गावों में चलाया जाएगा। ईआरसी इनोवेटिव ऑफलाइन समाधानों को वितरित करेगा। जिसमें मदरसा टैबलेट, वाईफाई हॉटस्पॉट डिवाइस, मदरसा फ्लैश मेमोरी ड्राइव और मदरसा स्मार्ट बैग शामिल हैं। एमबीआरजीआई के सहायक महासचिव सईद अल इटर ने कहा, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दृष्टिकोण को लागू करना है। इसके तहत शिक्षा और ज्ञान का प्रसार करने और अरब दुनिया भर में लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है। ईआरसी उप महासचिव विपणन और दान संग्रह क्षेत्र के हामूद अब्दुल्ला मोहम्मद अल जूनाबी ने कहाईआरसी ने छात्रों को प्रभावी ढंग से शैक्षिक सामग्री की सुविधा के लिए समझौते को पूरा करने के लिए तुरंत काम शुरू कर दिया है पिछले अक्टूबर में लॉन्च होने के बाद से मदरसा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म में1.7 मिलियन से अधिक लोग पंजीकृत हो चुके हैं। इसे अब तक दुनिया भर में लगभग 32 मिलियन व्यूज मिले हैं। अनुवादः एस कुमार.

http://www.wam.ae/en/details/1395302772842

WAM/Hindi