यमन के स्वास्थ्य क्षेत्र में यूएई का योगदान महत्वपूर्ण: ईआरसी रिपोर्ट

  • تقرير/الإمارات تدعم القطاع الصحي في اليمن .. منشآت طبية وحملات ضد الأوبئة
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विडियो तस्वीर

अबू धाबी, 11 जुलाई, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- अमीरात रेड क्रिसेंट ने कहा है कि साल की शुरुआत में यमन के स्वास्थ्य क्षेत्र में यूएई का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। ईआरसी ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में 'ईयर ऑफ टॉलरेंस' के दौरान शुरू की गई स्वास्थ्य परियोजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों पर प्रकाश डाला है। ईआरसी की मिड-ईयर रिपोर्ट में कहा गया है कि योगदान में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की बहाली, बीमारियों और महामारी से निपटने के लिए कार्यक्रमों का शुभारंभ, चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित करना और यमन के बाहर मरीजों के इलाज की लागत को कवर करना शामिल है। अदन पोर्ट में 25 टन वजन वाले दवाओं के एक शिपमेंट के आगमन के साथ 'ईयर ऑफ टॉलरेंस' शुरू हुआ, जिसे लाल सागर तट पर स्वास्थ्य केंद्रों को वितरित किया गया साथ ही इकोनॉमी एंड पॉलिटिकल साइंस कॉलेज मेडिकल क्लिनिक का शुभारंभ किया गया। यूएई ने 2019 की शुरुआत से यमन के स्वतंत्र गवर्नेट्स में 23 अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र, ताइज और हद्रामौत में छह अस्पताल, लाल सागर तट और हद्रामौत में 11 स्वास्थ्य केंद्र, अदन और सोकोट्रा में दो विशेषज्ञ इकाइयां और लाल सागर तट और अदन में चार क्लीनिक बनाए हैं। स्वास्थ्य देखभाल के संचालन में यूएई ने आवश्यक औषधीय आपूर्ति और चिकित्सा उपकरण प्रदान किए, जिसमें आवश्यक दवाइयों को ले जाने वाले नौ कंटेनर शामिल थे जिसे यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय को दिए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये मानवीय प्रयास यूएई का यमनी लोगों के प्रति मानवीय रुख दर्शाता है। लाल सागर तट पर यूएई ने सात चिकित्सा केंद्रों का शुभारंभ किया है, जिसमें अल ताहिता, अल मतिना और अल शुजायरा के स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। यूएई ने दस चिकित्सा केंद्रों को दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति भी प्रदान की है और चिकित्सा कर्मियों के वेतन का भुगतान किया है। शबवा में यूएई ने डेंगू बुखार से निपटने के लिए एक मोबाइल क्लिनिक का भी उद्घाटन किया साथ ही मरकाह अस सूफला में एक निवारक स्प्रे अभियान भी किया। सोकोट्रा में खलीफा बिन जायद अल नहयान अस्पताल के आपातकालीन और संचालन वार्ड लॉन्च किए गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने यूएई, मिस्र, सूडान, भारत और जॉर्डन में सैकड़ों घायल यमनियों के इलाज का खर्च उठाया है। अब तक विदेशों में इलाज कराने वाले यमनी रोगियों की संख्या 11,000 तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई ने वर्ष की पहली तिमाही में विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सहयोग किया, जिससे करीब दो मिलियन यमनी महिलाओं को आपातकालीन प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। ईआरसी ने संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य निकाय के साथ आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के लिए 25 स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को फिर से खोलने के लिए समन्वित किया, जिससे करीब 50,000 लोगों को मदद मिली। अनुवादः एस कुमार.

http://wam.ae/en/details/1395302773403

WAM/Hindi