जिनेवा में "एजुकेटर्स विदाउट बॉर्डर्स" का शुभारंभ


जिनेवा, 11 जुलाई, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- मानवतावादी व दान से कार्यों से जुड़े दुनियाभर के प्रमुख व्यक्तियों ने जिनेवा के मुख्यालय वाले "शिक्षकों विदाउट बॉर्डर्स" नामक एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन की स्थापना की घोषणा की। इस बात की घोषणा, जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान की गई, जिसमें मानवतावादी, सामाजिक, कानूनी, अकादमिक व नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि बहुतायत की संख्या में उपस्थित थे। संगठन की अध्यक्ष डॉ. करीमा ने सम्मेलन के दौरान कहा कि संघर्ष और युद्ध की वजह से जिन क्षेत्रों को सरकारी शैक्षिक सेवाओं से पर्याप्त ध्यान नहीं मिल रहा, वहां काम करने की आवश्यकता है। डॉ. करीमा ने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और आंकड़ों की समीक्षा की जो दुनिया में अशिक्षा की उच्च दर और शिक्षा की कम पहुंच का संकेत देते हैं। उन्होंने बताया कि संगठन प्रभाव के मामले में वैश्विक है और परोपकार और मानवीय कार्यों की एक नई अवधारणा स्थापित करता है। इसके माध्यम से दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाखों बच्चों और युवाओं के विकास और सशक्तीकरण में एक बुनियादी मील का पत्थर है, क्योंकि इसका प्रभाव गरीबी को कम करता है, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करता है, और एक अधिक सुरक्षित और अधिक स्थिर दुनिया बनाने में मदद करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों के लिए शैक्षिक और शैक्षिक प्रक्रिया को बढ़ावा देना संगठन की नीति का एक अनिवार्य साधन है। इसकी नीतियों में ज्ञान, कौशल विकास शामिल है और इसलिए एक आम सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में विभिन्न प्रकारों की शैक्षिक प्रक्रिया पर ध्यान देने के लिए संगठन की भूमिका बनती है। उन्होंने वायदा किया कि इस वर्ष की शुरुआत के बाद से, संगठन "एजुकेटर्स विदाउट बॉर्डर्स" विकासशील देशों में बच्चों और युवाओं तक शिक्षा को पहुंचाने, शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देने, उनके समाजों के लिए सकारात्मक योगदानकर्ता के लिए लगातार काम करेगा। डॉ. करीमा के अनुसार, संगठन कई अनूठी पहल शुरू करेगा जो सरकारों, नीति निर्माताओं और मानवीय और धर्मार्थ मुद्दों में रुचि रखने वालों को भविष्य के लिए एक शैक्षिक ढांचा विकसित करने में मदद करेगा। इस संबंध में, उल्लेखनीय है कि जो बच्चे, संघर्ष के क्षेत्रों में रहते हैं उन पर काम करना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है। आंकड़े बताते हैं कि शिक्षा पर कुल मानवीय सहायता का लगभग 2% ही खर्च होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन आपातकालीन स्थिति से प्रभावित देशों में बच्चों की जरूरतों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। इसे देखते हुए संगठन के बजट का एक-तिहाई पूरी तरह से आपातकालीन शिक्षा कार्यक्रमों को आवंटित किया जाएगा। उन्होंने संगठन के लक्ष्यों की भी समीक्षा की और कहा कि संगठन की प्राथमिकताओं में छात्रों व शिक्षकों को प्रशिक्षण पुनर्वास के लिए शैक्षिक और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करना शामिल है। संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि संगठन की शैक्षिक परियोजनाओं में विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों में स्कूलों की स्थापना, बाल कार्यक्रम, नियमित शैक्षिक कार्यक्रम, एकीकरण कार्यक्रम और विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों के लिए शिक्षा, स्कूल भोजन, जागरूकता कार्यक्रम और शिक्षा प्रदान करने का कार्यक्रम के साथ शिक्षकों का पुनर्वास और प्रशिक्षण का कार्यक्रम शामिल है। संगठन "एजुकेटर्स विदाउट बॉर्डर्स" संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए दुनिया भर के शिक्षकों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अनुवादः एस कुमार.

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