यूएई, सऊदी अरब ने यमन में राजनीतिक, सैन्य और राहत प्रयासों की पुष्टि की


अबू धाबी, 26 अगस्त, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय और सऊदी अरब ने सोमवार सुबह एक संयुक्त बयान जारी कर यमन के लोगों को राहत देने के प्रयासों की निरंतरता की पुष्टि करते हुए और यमन में हालिया घटनाओं को लेकर यूएई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की निंदा की है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि गठबंधन बलों ने यमन में महान बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश यमन और उसकी क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित करना चाहते हैं। उन्होंने यमन में आतंकवादी हौथी मिलिशिया और सभी आतंकवादी संगठनों का सामना करना जारी रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की एक बार फिर पुष्टि की। यूएई और सऊदी अरब ने भी गठबंधन और पुनर्वितरण बलों के गठबंधन के लिए गठित समिति के साथ सहयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया और जेद्दा में तेजी से बातचीत का आह्वान किया। नीचे पूरा वक्तव्य दिया गया है: यूएई और सऊदी अरब की सरकारों ने 27 जुलाई, 2019 को यमन की अंतरिम राजधानी (अदन) में हुई राजनीतिक और सैन्य घटनाओं घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त की है। संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब की सरकारें यमन और उसके लोगों को ईरानी समर्थित हौथी मिलिशिया तख्तापलट से बचाने के लिए वैध सरकार का समर्थन करने वाले गठबंधन देशों की भागीदारी के साथ अपने सभी राजनीतिक, सैन्य, राहत और विकास प्रयासों की निरंतरता की पुष्टि करती है। दोनों देशों की सरकारों ने उन घटनाओं के कारण यूएई को लक्षित करने वाले आरोपों और मानहानि के अभियानों पर अपनी अस्वीकृति दर्ज कराई है और निंदा व्यक्त की है। यमन में गठबंधन बलों द्वारा किए गए सभी बलिदानों की याद दिलाते हुए, ईमानदारी से बंधुत्व और पड़ोसी संबंधों, क्षेत्र में सुरक्षा के संरक्षण और अपने लोगों व उनकी समृद्धि के लिए प्रेरित किया। वे यमन के हितों की सुरक्षा, स्थिरता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए यमन के वैध राष्ट्रपति के नेतृत्व के साथ ही ईरानी समर्थित हौथी आतंकवादी मिलिशिया और अन्य आतंकवादी संगठनों के तख्तापलट का मुकाबला करने के लिए पूर्ण प्रयास की पुष्टि करते हैं। दोनों देशों की सरकारें गठबंधन बलों के सैन्य प्रयास के ढांचे के भीतर विघटन और पुनर्वितरण के लिए गठबंधन नेतृत्व द्वारा गठित संयुक्त समिति के साथ सहयोग करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर बल देती हैं और इसमें संलग्न होने का आग्रह करती हैं। जेद्दा वार्ता में शामिल होने का आग्रह करता है, जिसका आयोजन सऊदी अरब ने दक्षिणी प्रांतों में होने वाली घटनाओं की वजह से किया है।"

अनुवादः एस कुमार.

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