यूएई ने यमन घटनाक्रम पर बयान जारी किया


अबू धाबी, 29 अगस्त, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय ने निम्नलिखित बयान जारी किया है: "यमनी विदेश मंत्रालय के बयान के जवाब में, यूएई ने अरब गठबंधन बलों को लक्षित सभी खतरों के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार की पुष्टि की। अरब गठबंधन सेना और नागरिकों के खिलाफ अपराध में हाल ही में वृद्धि ने गठबंधन की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इन हमलों के विरोध में इसने जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार नियमानुसार आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ 28 और 29 अगस्त, 2019 को सटीक और प्रत्यक्ष हवाई हमले किए हैं। आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ सैन्य अभियान की पुष्टि फील्ड इंटेलिजेंस पर आधारित थी, जो सेना गठबंधन सेनाओं को निशाना बनाने के लिए तैयार थी। यह एक ऐसा मसला था, जिसमें किसी भी सैन्य खतरे को रोकने के लिए पूर्व-सक्रिय ऑपरेशन की आवश्यकता थी। अरब गठबंधन के खिलाफ हमले आतंकवादी संगठनों से संबद्ध सशस्त्र समूहों द्वारा शुरू किए गए थे। इन सशस्त्र समूहों ने अदन हवाई अड्डे पर अरब गठबंधन पर हमला किया, जिससे गठबंधन सेना के दो लोग घायल हुए। तदनुसार, गठबंधन ने अपनी सेना रक्षा करते हुए आत्मरक्षा के अपने अधिकार के अनुसार जवाब दिया। यूएई ने पुष्टि की कि जब भी आवश्यकता होगी, वह अरब गठबंधन बलों की रक्षा करने में संकोच नहीं करेगा और प्रतिक्रिया और आत्मरक्षा के अपने अधिकार को बनाए रखेगा। यूएई के खुफिया विभागों ने पिछले हफ्तों में देखा कि यमन के इलाकों में आतंकवादी गतिविधियां में तेजी की पुष्टि की। इससे अरब गठबंधन द्वारा यमन में आतंकवाद के कहर को जड़ से खत्म करने पर खतरा उत्पन्न हो गया। इससे हौथी मिलिशिया का मुकाबला करने के लिए गठबंधन द्वारा किए गए प्रयासों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जो अस्थिरता और आतंकवाद के प्रसार से लाभान्वित हो रहा है। यूएई, यमन में आतंकवाद का सामना करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में गठबंधन द्वारा की गई सफलता के बाद यमन में मौजूदा परेशान करने वाली स्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त करता है, मुख्य रूप से अरब प्रायद्वीप में अल-क़ायदा के संबंध में, जो कि सबसे खतरनाक आतंकवादी समूहों में से एक माना जाता है और जिसका प्रभाव अरब गठबंधन के प्रयासों की बदौलत काफी कम हो गया है।"

अनुवादः एस कुमार.

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