यूएई, यूनेस्को ने इराक के मोसुल में दो ऐतिहासिक चर्चों के पुनर्निर्माण के लिए साझेदारी की


पेरिस, 10 अक्टूबर, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई और यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाईजेशन (यूनेस्को) ने आज सुबह इराक के मोसुल में दो ऐतिहासिक चर्चों के पुनर्निर्माण के प्रयासों पर ऐतिहासिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। संस्कृति और ज्ञान विकास मंत्री नूरा बिन मोहम्मद अल काबी और यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. ऑड्रे एज़ोले ने आज पेरिस में संगठन के मुख्यालय में मुलाकात की, जो मानव सभ्यताओं के मूल में निहित प्रतिष्ठित पुनर्निर्माण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देते हैं। यह समझौता यूएई के 2019 के ईयर ऑफ टॉलरेंस के अनुरूप है, जो एक सार्वभौमिक अवधारणा के रूप में सहिष्णुता पर जोर देता है और विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सहिष्णुता, संवाद, सह-अस्तित्व और खुलेपन के मूल्यों को लुभाने के उद्देश्य से कानून और नीतियों के माध्यम से एक स्थायी संस्थागत प्रयास है। नए समझौते से दो नष्ट हुए सांस्कृतिक स्थलों अल-ताहेरा चर्च और अल-साआ चर्च के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा। हस्ताक्षर समारोह में में फ्रांस में इराक के राजदूत अब्दुलरहमान हामिद अल-हुसैनी; पश्चिमी एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के अंडर-महासचिव और कार्यकारी सचिव डॉ. मोहम्मद अली अल हकीम; डोमिनिकन ऑर्डर के फ्रांस प्रांत के पूर्व प्रांतीय ब्रदर निकोलस टक्सियर और यूरोपीय संघ के बिशप सम्मेलन के आयोग के महासचिव ब्रदर ओलिवियर पॉक्विलॉन भाग लिया। यह परियोजना अप्रैल 2018 में पूर्व में हस्ताक्षरित ऐतिहासिक समझौते का एक विस्तार है जिसके तहत अमीरात ने मोसुल की सांस्कृतिक विरासत के पुनर्निर्माण में योगदान देने के लिए 50.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया। नई साझेदारी में यूएई मोसुल के ओल्ड सिटी में मिदान क्षेत्र में स्थित 800 साल पुराने अल-ताहेरा चर्च व अल-साआ चर्च के पुनर्निर्माण में सहयोग करेगा। इस प्रयास के तहत एक संग्रहालय और स्मारक स्थल का निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना में 27 इराकियों को नियुक्त किया गया है और परियोजना की प्रगति के रूप में इस वृद्धि को आगे बढ़ाने के प्रयासों के साथ 4 इराकी कंपनियों को अनुबंधित किया है। अनुवादः एस कुमार http://wam.ae/en/details/1395302793778

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