रक्षा मंत्रालय का लीडरशिप कॉन्फ्रेन्स ‘21वीं सदी में युद्ध’ अबू धाबी में शुरू

  • برعاية محمد بن راشد.. انطلاق مؤتمر وزارة الدفاع الرابع لحروب القرن الـ21 في أبوظبي
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अबू धाबी, 6 नवंबर, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के संरक्षण में चौथा वार्षिक रक्षा मंत्रालय का लीडरशिप कॉन्फ्रेन्स ‘21वीं सदी में युद्ध’ अबू धाबी में शुरू हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन अमीरात सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ एंड रिसर्च व आर्म्ड फोर्सेज ऑफिसर्स क्लब अबू धाबी में आयोजित किया जा रहा है। रक्षा मामलों के राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अहमद अल बोउर्दी ने कहा कि यूएई डिजिटल सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में मध्य-पूर्व का नेतृत्व करता है। यह इस मामले में शीर्ष दस देशों में एक है। अल बोउर्दी ने कहा कि "हमारे नेतृत्व ने देश के इन क्षेत्रों को लगातार विकसित करने और अपडेट करने की क्षमता का दोहन किया है, साथ ही एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में भारी निवेश किया है।"

उन्होंने कहा, "चौथी औद्योगिक क्रांति और इसके अभूतपूर्व तकनीकी विकास डिजिटल और सूचना विज्ञान की प्रगति पर आधारित हैं। इसकी शुरुआत तीन दशक पहले शुरू हुई थी। देश के विकास को विभिन्न डिजिटल साधनों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से महसूस किया जाता है, जो निजी के बारीक विवरण के साथ काम करते हैं।"

अल बोउर्दी ने जोर देकर कहा कि यूएई हर साल अधिक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हमलों का सामना कर रहा है, प्रति माह लगभग 25 मिलियन हमले होते हैं, यह देखते हुए कि संबंधित अधिकारी आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके इन हमलों की निगरानी कर सकते हैं। प्रासंगिक राष्ट्रीय अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और संस्थागत उपायों की एक श्रृंखला को अपनाया है। मई में, दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, टीआरए ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य नवाचार और रचनात्मकता पर आधारित एक स्मार्ट साइबर प्रणाली विकसित करना है, साथ ही साथ समाज के बीच एक डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा देना और सरकारी अधिकारियों सहित राष्ट्रीय संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, "आज के साइबर अपराध में, साइबर घुसपैठ का खतरा बढ़ रहा है और डिजिटल युद्ध के खतरे गहरा रहे हैं, इसलिए देशों को साइबर खतरों को दूर करने के लिए साधन और तरीके विकसित करने पड़ते हैं।"

सम्मेलन डिजिटल युद्धों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव से उत्पन्न जोखिमों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसका उद्देश्य डिजिटल युद्धों से संबंधित देशों के सामने आने वाली सबसे गंभीर चुनौतियों का समाधान करना है। यहां उपस्थित लोगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राज्य मंत्री उमर बिन सुल्तान अल ओलमा, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के महासचिव सैफ सुल्तान अल आर्यानी; लेफ्टिनेंट जनरल दही कफलमन तमीम, दुबई में पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा के उप प्रमुख; लेफ्टिनेंट जनरल एइसा सैफ बिन अबलन अल मजरौई, यूएई सशस्त्र बलों के उप-प्रमुख स्टाफ; मातर सलीम अली अल धाहिरी, रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी; मंसूर इब्राहिम अल मंसूरी, राष्ट्रीय मीडिया परिषद, एनएमसी के महानिदेशक; अमीरात स्पेस एजेंसी के महानिदेशक डॉ. नासिर अल अहबाबी; वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और शिक्षाविद प्रमुख रहे। उमर बिन सुल्तान अल ओलमा ने कहा कि भविष्य के युद्धों की तकनीकें और उपकरण लगातार विकसित हो रहे हैं। इनके विविध उपयोग हैं, उनमें से ज्यादातर पूरी तरह से या आंशिक रूप से नेटवर्क और कंप्यूटर सिस्टम पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा, "दुनिया अपने डिजिटल ट्विन के साथ इतनी जुड़ गई है कि देशों को अस्थिर किया जा सकता है या हर किसी के लिए उपलब्ध कंप्यूटर उपकरणों का उपयोग करके दूर से उनके बुनियादी ढांचे नुकसान पहुंचाया जा सका है।"

उन्होंने कहा, आक्रामक और रक्षात्मक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरण चरमपंथी और आतंकवादी समूहों के लिए प्राप्त करना मुश्किल नहीं है। इसलिए, हमें उन्नत डिजिटल हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा प्रणालियों की तत्परता को तैयार करने और बढ़ाने की आवश्यकता है। "हमारे देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा घेरा इसके युवा हैं। हम केवल बाहरी उत्पादों और विशेषज्ञता पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। इसलिए, कृत्रिम बुद्धि के विज्ञान और प्रौद्योगिकियों को सीखने और प्रोग्रामिंग करने में नागरिकों को तैयार करना, प्रशिक्षित करना और उन्हें योग्य बनाना महत्वपूर्ण है ताकि वे और डिजिटल रक्षा उपकरणों को घरेलू स्तर पर डिजाइन करने में सक्षम हो सकें। "

यूएई सशस्त्र बलों के जीएचक्यू के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी आयोग के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जनरल डॉ. मुबारक सईद अल जाबरी ने कहा कि नवाचार आर्थिक और सामाजिक विकास का मुख्य चालक है और दुनिया की आर्थिक वृद्धि का लगभग दसवां हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नवाचार के मामले में स्विट्जरलैंड दुनिया का सबसे पहला देश है, इसके बाद 2019 में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स के अनुसार क्रमशः स्वीडन, अमेरिका, नीदरलैंड और ब्रिटेन हैं। अमीरात स्पेस एजेंसी के महानिदेशक डॉ. नासिर अल अह्बाबी ने कहा कि यूएई अंतरिक्ष के क्षेत्र में सेवाओं, और शिक्षा का एक क्षेत्रीय केंद्र बन गया ह। यूएई एयरोस्पेस महत्वपूर्ण है और इसे स्थायी आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक चालक के रूप में माना जाता है। यह एक विविध, अग्रणी क्षेत्र है, जो तेजी से और लगातार बढ़ रहा है। खलीफा हसन अल शम्सी, ग्रुप चीफ कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी एंड गवर्नेंस ऑफिसर, एतिसलात ग्रुप, ने तेजी से जुड़ी दुनिया में डिजिटलीकरण के युग के विरोधाभास के बारे में बात की। "डिजिटाइजेशन एक वैश्विक वास्तविकता है, जो सभी क्षेत्रों को प्रभावित करता है। यह सभी व्यवसायों, मॉडल और प्रतिभा के नए रूपों के उद्भव के पीछे है। इसमें बड़े पैमाने पर संभावनाएं हैं।"

खलीफा विश्वविद्यालय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इंटेलिजेंट सिस्टम इंस्टीट्यूट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग व कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर अर्नेस्टो दमानी ने कहा, फर्स्ट जनरेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम, मानव के बीच परामर्श के लिए सिस्टम के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में पहले ही अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है। "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सिस्टम की दूसरी पीढ़ी में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हथियारबद्ध किया जाता है। इसमें तीन क्षेत्रों भू-स्थान, या पृथ्वी, अंतरिक्ष से बना एक "सामान्यीकृत युद्धपोत" शामिल हो सकता है।"

प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है और यूएई अपने संस्थानों के एकीकरण और अपनी क्षमताओं के विकास के माध्यम से, डिजिटल युद्ध की चुनौतियों का दृढ़ता से और कुशलता से सामना कर सकता है। यूएई डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित देश का निर्माण जारी रख रहा है। साथ ही साइबर सहित विभिन्न खतरों के खिलाफ अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय लाभ की रक्षा के लिए अपने वैध अधिकार का पालन करता है। अनुवादः एस कुमार.

http://wam.ae/en/details/1395302800678

WAM/Hindi