माइन्स हटाने के वैश्विक, क्षेत्रीय प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है यूएई


अबू धाबी, 3 अप्रैल, 2020 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई माइन्स हटाने के वैश्विक, क्षेत्रीय प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यमन, लेबनान, अफगानिस्तान, कोसोवो और कुवैत में माइन्स को हटाने में व इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को कम करने में संयुक्त अरब अमीरात की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 4 अप्रैल को इंटरनेशनल माइन अवेयरनेस डे के उपलक्ष्य में अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) ने इन देशों में माइन्स हटाने और इससे उत्पन्न जोखिम के बिना लोगों को दैनिक जीवन को फिर से शुरू करने में देश की जबरदस्त कोशिशों पर प्रकाश डाला। यमन में ''ऑपरेशन रिस्टोरिंग होप'' के जरिए यूएई सशस्त्र बल के विशेषज्ञों ने दसियों बारूदी सुरंगों को नष्ट किया। वहीं, मुक्त किए गए क्षेत्रों में विस्फोटक अवशेष और युद्ध में काम आने वाले विस्फोटक उपकरणों, आईईडी को निष्क्रिय कर दिया। इन प्रयासों से एक बार फिर लोगों की जिन्दगी आसान हो सकी। यूएई यमनी कर्मियों के साथ अपनी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने का इच्छुक है और यमनी स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए कई प्रासंगिक कार्यशालाएं आयोजित करता रहा है। यूएई ने इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद की है और यूएई सशस्त्र बलों के एक फील्ड इंजीनियरिंग टीम ने यमन के मुक्त क्षेत्रों के निवासियों के लिए खानों और विस्फोटक के खतरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाया। लेबनान में यूएई ने एक परियोजना "डेमिनिंग एंड क्लस्टर बम रिमूवल फ्रॉम द साउथ" शुरु की, जो 2006 से 2009 तक चली। इसमें 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए थे। इस परियोजना में तीन मिलियन वर्ग मीटर भूमि से माइन्स हटाए गए। अफगानिस्तान में यूएई ने कंधार में लगभग 27.8 मिलियन डॉलर की लागत वाली एक परियोजना शुरू की, जो सितंबर 2011 से अक्टूबर 2013 तक जारी रही। कोसोवो में यूएई शांति-सेना ने 1999 से 2001 तक अपने मिशन के दौरान माइन्स की सफाई की। 8 दिसंबर, 2005 को महासभा ने घोषणा किया कि हर साल 4 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय माइन्स जागरूकता और सहायता कार्रवाई में अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा। अनुवादः एस कुमार.

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