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मेंजसैट उपग्रह - अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई अमीराती उपलब्धि


अबू धाबी, 13 सितंबर, 2020 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी अग्रणी उपलब्धियों को जारी रखे हुए जल्द ही एक रूसी सोयुज रॉकेट के जरिए मेंजसैट उपग्रह को लॉन्च करेगा। मेंजसैट को यूएई के स्वामित्व और संचालित उपग्रहों की सूची में जोड़ा जा सकता है। इस रिपोर्ट में अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) कई प्रतिभाशाली युवा यूएई के नागरिकों की भागीदारी के साथ और स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी के साथ उपग्रहों को विकसित करने के राष्ट्रीय दशक भर के प्रयासों को उजागर करने जा रहा है। यूएई के पास कई उच्च क्षमता वाले उपग्रह है। 2008 में, "DubaiSat-1" को पहली बार मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर द्वारा जलवायु परिवर्तन की निगरानी के लिए लॉन्च किया गया था। 2013 में "DubaiSat-2" अवलोकन और निगरानी के उद्देश्यों के लिए लॉन्च किया गया था। अमीराती इंजीनियरों ने इसके विकास में योगदान दिया था। "Yah-1" अल Yah सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया पहला उपग्रह है। इसका उद्देश्य कई उद्देश्यों को प्राप्त करना है, जैसे कि टीवी कार्यक्रमों का प्रसारण। इसमें 62 मिलियन दर्शकों के लिए अन्य वाणिज्यिक सेवाएं प्रदान करना भी शामिल है। 2012 में मध्य-पूर्व, अफ्रीकी और मध्य और दक्षिण-पश्चिम एशिया में विभिन्न निगमों और व्यक्तियों को "YahClick" उपग्रह इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए "Yah-2" शुरू किया गया था। 2018 में दक्षिण अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका में समान सेवाओं के लिए "Yah-3" लॉन्च किया गया था। "Nayif-1" पहला नैनोमेट्रिक उपग्रह और पहला "क्यूबसैट" अमीराती शैक्षिक उपग्रह था, जिसे 2017 में भारत से शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लॉन्च किया गया था और अमेरिकी विश्वविद्यालय शारजाह और मोहम्मद बिन राशिद अंतरिक्ष केंद्र के छात्रों के एक समूह द्वारा विकसित किया गया था। "खलीफासैट" यूएई में पूरी तरह से विकसित और निर्मित होने वाला पहला उपग्रह है। इसे अक्टूबर 2018 में जापान के तनेगाशिमा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। यूएई पहला संयुक्त अरब उपग्रह भी विकसित कर रहा है। इसे "सैटेलाइट 813" के रूप में जाना जाता है। यूएई स्पेस एजेंसी के अनुसार, मेंजसैट को खलीफा विश्वविद्यालय और रास अल खैमाह में अमेरिकन यूनिवर्सिटी के युवा अमीराती नागरिकों द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह खलीफा विश्वविद्यालय के YahSat प्रयोगशाला में मुख्य अमेरिकी स्टेशन और अमेरिकी विश्वविद्यालय में उप-भूमि स्टेशन पर भेजे गए डेटा की निगरानी और विश्लेषण भी करेगा। परियोजना की घोषणा के दौरान एजेंसी के महानिदेशक मोहम्मद नासिर अल अहबाबी ने जोर देकर कहा कि यह उपग्रह वातावरण का विश्लेषण करने और जानकारी और तस्वीरें प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे हमारे ग्रह पर कई मामलों को समझने में मदद मिलेगी। अनुवादः एस कुमार.

http://wam.ae/en/details/1395302869584

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