दाएश के हमले के बाद श्रीलंका में धार्मिक सद्भाव का कायाकल्प: विदेश सचिव


अबू धाबी, 17 नवंबर, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) से बातचीत करते हुए श्रीलंका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में दाएश के हमले में श्रीलंका में 250 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों लोगों के घायल होने के बाद देश में अंतरजातीय सद्भाव का कायाकल्प हुआ था। अबू धाबी की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक विशेष साक्षात्कार में श्रीलंका के विदेश सचिव रविनाथ पी. आर्यसिंह ने कहा, "चर्च ने सबसे पहले यह कहा था कि ‘हमारे साथ जो कुछ भी हुआ उसके लिए किसी को भी नुकसान न पहुंचाएं।’ सबसे खास बात यह थी कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मुस्लिम समुदाय से जबरदस्त समर्थन मिला कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसलिए इसके परिणामस्वरूप अंतर-आस्था का कायाकल्प हुआ है।"

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने सुरक्षा बलों को घटनाओं के बाद आतंकी नेटवर्क को खत्म करने में मदद की। उन्होंने कहा, "चार दिनों के भीतर हमने पूरे नेटवर्क को समाप्त कर दिया। या तो उन्होंने खुद को मार लिया या वे देश के पूर्वी हिस्से में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए छापे में मारे गए।"

आर्यसिंह ने कहा कि यह केवल मुस्लिम समुदाय के सहयोग के कारण ही संभव था। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में मुसलमान उदारवादी इस्लाम का पालन करते हैं, जैसा कि यूएई में मुसलमान करते हैं। आर्यसिंह ने कहा कि दोनों लोगों के बीच मजबूत संबंधों को देखते हुए यूएई के उदारवादी इस्लाम के प्रचार का निश्चित रूप से श्रीलंका के मुस्लिम समुदाय पर एक और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में रहने वाले एक मिलियन से अधिक श्रीलंकाई लोगों में से यूएई में लगभग 300,000 को एक विशेष विशेषाधिकार प्राप्त है। एक्सपो 2020 दुबई में श्रीलंका की भागीदारी भी संबंधों को और बेहतर बनाने में मदद करेगी। अनुवादः एस कुमार.

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