रविवार 13 जून 2021 - 6:38:44 एएम

बाल श्रमिकों की संख्या बढ़कर 160 मिलियन हुई, दो दशकों में पहली बार बढ़ोत्तरी: यूएन


जिनेवा, 10 जून, 2021 (डब्ल्यूएएम) -- इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ) और यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में बाल श्रमिकों की संख्या बढ़कर 160 मिलियन हो गई है। इसमें पिछले चार सालों में 8.4 मिलियन की वृद्धि हुई है। बताया गया है कि कोविड-19 के प्रभावों के कारण लाखों बच्चे जोखिम में हैं। बाल श्रमिकः रोड फॉरवर्ड ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि 2000 और 2016 के बीच बाल श्रम में 94 मिलियन की गिरावट आई है। हालांकि अब इसमें बढ़ोत्तरी हो रही है। कृषि क्षेत्र में बाल श्रम में 70 फीसदी (112 मिलियन) बच्चे हैं, इसके बाद सेवाओं में 20 फीसदी (31.4 मिलियन) और उद्योग में 10 फीसदी (16.5 मिलियन) हैं। 5 से 11 साल की आयु के लगभग 28 फीसदी बच्चे और 12 से 14 साल की आयु के 35 फीसदी बच्चे बाल श्रम में स्कूल से बाहर हैं। बाल श्रम हर उम्र में लड़कियों की तुलना में लड़कों में अधिक प्रचलित है। जब प्रत्येक सप्ताह 21 घंटे या उससे अधिक समय तक किए जाने वाले घरेलू कामों को ध्यान में रखा जाता है तो बाल श्रम में लिंग अंतर कम हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों (14 फीसदी) में बाल श्रम की व्यापकता शहरी क्षेत्रों (5 फीसदी) की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। आईएलओ के महानिदेशक गाय राइडर ने कहा, "समावेशी सामाजिक सुरक्षा परिवारों को आर्थिक कठिनाई की स्थिति में भी अपने बच्चों को स्कूल में रखने की अनुमति देती है। ग्रामीण विकास में निवेश बढ़ाना और कृषि में अच्छा काम करना जरूरी है। हम एक महत्वपूर्ण क्षण में हैं और बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। यह नए सिरे से प्रतिबद्धता और ऊर्जा के कोने को मोड़ने और गरीबी व बाल श्रम के चक्र को तोड़ने का समय है।"

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वैश्विक स्तर पर महामारी के परिणामस्वरूप 2022 के अंत तक नौ मिलियन अतिरिक्त बच्चे बाल श्रमिक बन सकते हैं। एक मॉडल से पता चलता है कि यदि उनके पास महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवरेज नहीं हुई तो यह संख्या 46 मिलियन तक बढ़ सकती है। अनुवादः एस कुमार.

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