शनिवार 31 जुलाई 2021 - 1:48:36 पीएम

'सेंट्रल एंड साउथ एशिया कनेक्टिविटी' खाड़ी में विशेष रूप से यूएई के साथ व्यापार को बेहतर बनाने में मदद करेगा: उज्बेकिस्तानी राजनयिक

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अबू धाबी, 15 जुलाई, 2021 (डब्ल्यूएएम) -- अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) से बातचीत करते हुए उज्बेकिस्तान के एक शीर्ष राजनयिक ने बताया कि मध्य और दक्षिण एशिया के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए एक उज्बेकिस्तान पहल से इन दोनों क्षेत्रों और अरब की खाड़ी विशेष रूप से यूएई के बीच व्यापार को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यूएई में उज्बेकिस्तान के राजदूत बख्तियोर इब्राहिमोव ने कहा, "उज्बेकिस्तान का अरब की खाड़ी के देशों के साथ सीधा भूमि मार्ग नहीं है, जो हमारे बीच व्यापार और निवेश के विकास में बाधा डालता है। पाकिस्तानी बंदरगाहों तक पहुंच प्राप्त करने से उज्बेकिस्तान माल सीधे अरब की खाड़ी में मुख्य बंदरगाहों खासकर अबू धाबी दुबई और फुजैरा तक पहुंच सकेगा।"

उन्होंने कहा कि इस तरह की कनेक्टिविटी से उज्बेकिस्तान निर्यात वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने में मदद मिलेगी, क्योंकि सस्ती परिवहन लागत के साथ उत्पादन लागत कम हो जाएगी। इब्राहिमोव उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव की पहल पर गुरुवार और शुक्रवार को ताशकंद में होने वाले "सेंट्रल एंड साउथ एशिया: रीजनल कनेक्टिविटी - चैलेंजेज एंड ओप्पोर्तुनिटी" नामक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के महत्व के बारे में बात कर रहे थे। राजदूत ने जोर देकर कहा, "सम्मेलन के मुख्य उद्देश्यों में से एक साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने के महत्व पर दुनिया भर के निर्णय निर्माताओं और निवेशकों का ध्यान आकर्षित करना है।"

उन्होंने बताया कि सम्मेलन के प्रतिभागी आधुनिक परिवहन और संचार बुनियादी ढांचे के विकास और उज्बेकिस्तान से अफगानिस्तान के माध्यम से कराची और ग्वादर में पाकिस्तानी बंदरगाहों तक दक्षिण परिवहन गलियारे की परियोजना को लागू करने पर चर्चा करेंगे, जो मध्य एशियाई देशों को पाकिस्तानी समुद्री बंदरगाहों और आगे मुख्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए सबसे छोटा और आर्थिक रूप से व्यवहार्य रास्ता प्रदान करता है। इब्राहिमोव ने कहा, "इन प्रयासों से मध्य एशियाई देशों और यूएई के बीच माल के प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक केंद्र रहा है।"

ताशकंद सम्मेलन के बारे में एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के सभी लोगों और देशों के हितों में मध्य व दक्षिण एशिया के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों, विश्वास और अच्छे पड़ोसी को मजबूत करना है। सम्मेलन में मध्य व दक्षिण एशियाई देशों के शीर्ष अधिकारी, अन्य विदेशी देश, अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुख, वैश्विक वित्तीय संस्थान व कंपनियां, प्रमुख अनुसंधान और विश्लेषण संस्थान शामिल होंगे। अनुवादः एस कुमार.

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WAM/Hindi